छह साल तक साथ देने वाले मत्स्य किसान से ही दगा करने का आरोप,
उमेश शर्मा पर अनिल कश्यप ने उठाए गंभीर सवाल!
तालाब पर अवैध निर्माण को संरक्षण देने का आरोप, फोन पर धमकाने का भी दावा; कश्यप समाज में नाराजगी
रिपोर्ट :अरुण कश्यप!
हरिद्वार। राजनीति में अक्सर समर्थकों और कार्यकर्ताओं के योगदान की चर्चा होती है, लेकिन जब वर्षों तक साथ देने वाले व्यक्ति के हितों पर ही संकट खड़ा होने का आरोप लगे तो सवाल उठना लाजिमी है। हरिद्वार जनपद में खानपुर के पूर्व विधायक उमेश शर्मा और मत्स्य किसान अनिल कश्यप के बीच विवाद का मामला सामने आया है। अनिल कश्यप ने पूर्व विधायक पर विश्वासघात करने और उनकी आजीविका के प्रमुख साधन मत्स्य तालाब पर कब्जे तथा अवैध निर्माण को संरक्षण देने का गंभीर आरोप लगाया है।
अनिल कश्यप का कहना है कि उन्होंने करीब छह वर्षों तक उमेश शर्मा का साथ दिया, लेकिन अब उनके हितों की अनदेखी की जा रही है। आरोप है कि कुछ मतदाताओं को अपने पक्ष में साधने के लिए पूर्व विधायक ने उस मत्स्य तालाब पर निर्माण का समर्थन किया, जो अनिल कश्यप की आजीविका का मुख्य आधार है।अनिल कश्यप के मुताबिक, जब उन्होंने इस कथित निर्माण का विरोध किया तो उमेश शर्मा ने फोन पर उन्हें कथित तौर पर धमकाते हुए कहा कि वह उनके लिए अपने पांच हजार वोटरों को कैसे छोड़ सकते हैं। अनिल का दावा है कि उन्हें यह भी कहा गया कि उन्हें जो करना है कर लें, लेकिन तालाब पर निर्माण होकर रहेगा।इस घटनाक्रम से आहत अनिल कश्यप ने सोशल मीडिया के माध्यम से अपना दर्द बयां किया। इसके बाद उमेश शर्मा समर्थक खेमे के कुछ लोगों द्वारा उनसे संपर्क कर मामले को शांत कराने का प्रयास किए जाने की भी चर्चा है।मामले को लेकर कश्यप समाज के लोगों में नाराजगी की बात सामने आ रही है। समाज के लोगों का कहना है कि किसी भी व्यक्ति की आजीविका और उसके अधिकारों को राजनीतिक समीकरणों की भेंट नहीं चढ़ाया जाना चाहिए।
हालांकि, पूरे प्रकरण में पूर्व विधायक उमेश शर्मा का पक्ष और तालाब की भूमि से संबंधित राजस्व एवं प्रशासनिक अभिलेख सामने आना अभी बाकी है। आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि भी नहीं हुई है। अब सवाल यह है कि प्रशासन इस मामले की निष्पक्ष जांच कर मत्स्य किसान को न्याय दिलाने के लिए क्या कदम उठाता है।



