सुरक्षित बचपन अभियान के पहले चरण का समापन, 26 हजार विद्यार्थियों को किया जागरूक

छठे दिन 32 से अधिक विद्यालयों में लगाए गए जागरूकता शिविर, बच्चों को पॉक्सो एक्ट, साइबर अपराध और कानूनी अधिकारों की दी जानकारी
रिपोर्ट ; अनिल कश्यप
हरिद्वार। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण हरिद्वार की ओर से संचालित ‘सुरक्षित बचपन अभियान’ के प्रथम चरण का शनिवार को सफलतापूर्वक समापन हो गया। अभियान के छठे और अंतिम दिन जनपद के 32 से अधिक विद्यालयों में लगभग 26 हजार छात्र-छात्राओं को कानूनी अधिकारों एवं बाल सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया।
इस अवसर पर जनपद न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष नरेंद्र दत्त ने डिवाइन लाइट सीनियर सेकेंडरी स्कूल, जगजीतपुर में आयोजित कार्यक्रम में विद्यार्थियों को पॉक्सो एक्ट और बच्चों के कानूनी अधिकारों की जानकारी दी। राष्ट्रीय एकता दिवस पर विद्यार्थियों को देश की एकता और अखंडता बनाए रखने की शपथ भी दिलाई गई।
वहीं, प्राधिकरण की सचिव सिमरनजीत कौर ने साइबर अपराध, बाल अधिकारों और निःशुल्क विधिक सहायता के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बच्चों को आपातकालीन सहायता के लिए चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 और नालसा हेल्पलाइन 15100 के बारे में बताया। पुलिस अधिकारियों ने भी विद्यार्थियों को सुरक्षा संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी दी।
अभियान के तहत ओलिविया इंटरनेशनल स्कूल और मातृ आंचल कन्या विद्यापीठ सहित रुड़की, लक्सर, भगवानपुर और बहादराबाद क्षेत्र के विभिन्न विद्यालयों में भी जागरूकता शिविर आयोजित किए गए। इनमें न्यायिक अधिकारियों, पैनल अधिवक्ताओं और पराविधिक स्वयंसेवकों (पीएलवी) ने प्रतिभाग किया।
प्राधिकरण का उद्देश्य बच्चों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक कर सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने तथा किसी भी प्रकार के शोषण और साइबर अपराध के विरुद्ध आवाज उठाने के लिए प्रेरित करना रहा।


