धामी सरकार के फैसले साहसिक और स्वागतयोग्य :
करौली शंकर महादेव 
प्रदेश की बदलती डेमोग्राफी पर सरकार ने दिखाई मजबूत इच्छाशक्ति, सरकारी भूमि से अवैध कब्जे हटाने के निर्णय की सराहना।
रिपोर्ट: अरुण कश्यप
हरिद्वार। नया उदासीन अखाड़ा के महामंडलेश्वर और मिश्री मठ के पीठाधीश्वर करौली शंकर महादेव ने उत्तराखंड में सरकारी भूमि से अवैध कब्जे हटाने और प्रदेश की बदलती डेमोग्राफी को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सरकार द्वारा उठाए जा रहे कदमों की सराहना की है।
परिषद की ओर से कहा गया कि धामी सरकार ने प्रदेश की बदलती डेमोग्राफी के मूल कारणों को समझते हुए समय रहते कठोर निर्णय लेने शुरू किए हैं। सरकारी भूमि पर अवैध रूप से कब्जा करने वालों के विरुद्ध कानून के तहत कार्रवाई आवश्यक थी। देवभूमि उत्तराखंड की सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान को सुरक्षित रखने के लिए सरकार की मजबूत इच्छाशक्ति सराहनीय है।
उन्होंने कहा कि कुछ असामाजिक तत्व देवभूमि की सामाजिक और सांस्कृतिक व्यवस्था को प्रभावित करने के प्रयासों में लगे थे। ऐसे तत्वों के विरुद्ध कानून के दायरे में कार्रवाई करना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के साहसिक और दूरदर्शी निर्णयों का स्वागत करती है उन्होंने कहा कि प्रदेश की धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक पहचान की रक्षा के लिए सरकार के प्रयास जारी रहने चाहिए।


