अजीतपुर के बाद अब बिशनपुर कुंडी का श्मशान घाट निशाने पर,
ग्राम प्रधान ने ठोकी हुंकार!
रिपोर्ट: अरुण कश्यप
हरिद्वार । गंगा किनारे स्थित ग्राम पंचायत में श्मशान घाट के निर्माण को लेकर एक बार फिर रिजॉर्ट माफिया और स्थानीय लोगों के बीच टकराव की स्थिति बनती नजर आ रही है। अजीतपुर श्मशान घाट का निर्माण कार्य खटाई में पड़ने के बाद अब अजीतपुर से सटी ग्राम पंचायत बिशनपुर कुंडी का श्मशान घाट भी माफियाओं के निशाने पर आ गया है। आरोप है कि एक प्रभावशाली रिजॉर्ट संचालक अपने रसूख और दबाव के बल पर श्मशान घाट के निर्माण कार्य को रुकवाने की कोशिश कर रहा है।
गौरतलब है कि अजीतपुर श्मशान घाट का मामला पहले ही हाई-प्रोफाइल हो चुका है, जहां एक स्थानीय जनप्रतिनिधि पर 35 लाख रुपये लेकर निर्माण रुकवाने के गंभीर आरोप लगे थे। इतना ही नहीं, निर्माण सामग्री—सरिया, रेत और बजरी—तक चोरी हो जाने से वहां का काम पूरी तरह ठप हो गया। स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह सब रिजॉर्ट माफिया की मिलीभगत से हुआ।
अब वही कहानी बिशनपुर कुंडी में दोहराने की कोशिश की जा रही है, लेकिन यहां ग्राम प्रधान सनी कुमार ने साफ शब्दों में ऐलान कर दिया है कि किसी भी दबाव या लालच में आकर श्मशान घाट का निर्माण नहीं रोका जाएगा। ग्राम प्रधान का कहना है कि गंगा किनारे श्मशान घाट बनना ग्रामीणों की बुनियादी जरूरत है और इसे हर हाल में पूरा कराया जाएगा।
उन्होंने आरोप लगाया कि रिजॉर्ट माफिया गंगा के नजदीक नियमों को ताक पर रखकर अवैध और बड़े निर्माण कर रहा है, जो पूरी तरह गैरकानूनी हैं। ग्राम प्रधान ने चेतावनी दी कि यदि दबाव की राजनीति नहीं रुकी तो मामले की शिकायत उच्च अधिकारियों और शासन स्तर तक की जाएगी। अब देखना यह है कि प्रशासन जनता की जरूरत के साथ खड़ा होता है या माफिया के आगे एक बार फिर घुटने टेक देता है,


