क्लिनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट की सख्त निगरानी को तैयार जनपद स्वास्थ्य विभाग, अप्रैल तक लॉन्च होगा विशेष मॉनिटरिंग ऐप।
रिपोर्ट:अरुण कश्यप!
हरिद्वार।जनपद में मुख्य चिकित्सा अधिकारी आरके सिंह के नेतृत्व में चिकित्सा विभाग पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है। अवैध व अनियमित चिकित्सकीय प्रैक्टिस पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से अब क्लिनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट की विशेष मॉनिटरिंग के लिए एक नई वेबसाइट और मोबाइल ऐप तैयार की जा रही है, जिसे अप्रैल 2026 तक लॉन्च करने की योजना है।मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि वर्तमान में जनपद में क्लिनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट के अंतर्गत लगभग 800 पंजीकरण दर्ज हैं। इनमें एलोपैथिक के साथ-साथ आयुर्वेदिक, होम्योपैथिक और यूनानी पद्धति के चिकित्सक भी शामिल हैं। नई ऐप के माध्यम से यह सीधे मॉनिटर किया जाएगा कि कोई एमबीबीएस डॉक्टर दो स्थानों से अधिक जगह प्रैक्टिस तो नहीं कर रहा। यदि ऐसा पाया गया, तो संबंधित चिकित्सक पर तत्काल प्रभाव से जुर्माना लगाया जाएगा।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि किसी बीएमएस (BAMS) चिकित्सक के पास मरीजों के लिए बेड की व्यवस्था पाई जाती है, तो उस पर सीधे 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा, जो तुरंत लागू होगा।
सीएमओ ने कहा कि इस डिजिटल पहल से विभाग को रियल-टाइम मॉनिटरिंग में मदद मिलेगी और स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को अधिक पारदर्शी, प्रभावी और बेहतर बनाया जा सकेगा।



