कुंभ मेला 2021 में बड़ा भ्रष्टाचार उजागर!
मेला अधिकारी की रोक के बावजूद अधिशासी अभियंता कपिल कुमार “सेटिंग–गेटिंग” कर दिए भुगतान की संस्तुति।

रिपोर्ट: दिशा शर्मा!
हरिद्वार। कुंभ मेला 2021 के समापन को चार वर्ष से अधिक बीत चुके हैं, लेकिन उससे जुड़े भ्रष्टाचार के परत-दर-परत खुलासे अब भी रुकने का नाम नहीं ले रहे। ताज़ा मामला सिंचाई विभाग से प्रतिनियुक्त होकर आए तत्कालीन अधिशासी अभियंता कपिल कुमार जो वर्तमान समय में सिंचाई विभाग उत्तराखंड में अधीक्षण अभियंता के पद पर तैनात है का है, जिन पर मेलाधिकारी से भी ऊपर उठकर अवैध रूप से भुगतान कराने की संस्तुति के गंभीर आरोप लगे हैं।

सूचना के अधिकार (RTI) के माध्यम से सामने आए दस्तावेजों से बड़ा खुलासा हुआ है कि मेला अधिकारी रहे दीपक रावत ने कई संदिग्ध कार्यों की भुगतान फाइलों को स्पष्ट रूप से रोकने और बंद करने के आदेश दिए थे। लेकिन उनके ट्रांसफर होते ही अधिशासी अभियंता कपिल कुमार ने कथित रूप से “सेटिंग-गेटिंग” के माध्यम से उन ठेकेदारों के बिलों को भुगतान के लिए स्वीकृति प्रदान कर दी, जिन्हें रोकने का निर्देश स्वयं मेला अधिकारी ने दिया था।
RTI में प्राप्त प्रमाणित प्रतियों पर कुंभ मेला के सहायक लेखाकार और वरिष्ठ सहायक की पुष्टि मौजूद है, जो पूरे प्रकरण को और भी संदेहास्पद बनाता है। दस्तावेज यह दर्शाते हैं कि भुगतान प्रक्रिया में नियमों को दरकिनार कर शॉर्टकट अपनाए गए और उन मदों में भी भुगतान की संस्तुति की गई, जिन्हें मेला अधिकारी ने संदिग्ध पाते हुए लंबित रखा था।
यह खुलासा न सिर्फ प्रशासनिक लापरवाही को दर्शाता है, बल्कि यह भी बताता है कि मेला जैसे विशाल आयोजन में वित्तीय अनियमितताओं को कैसे धकेला गया। अब सभी की निगाहें कुंभ मेला प्रशासन तथा सिंचाई विभाग पर हैं कि इतने बड़े भ्रष्टाचार के आरोपों पर कपिल कुमार के खिलाफ क्या कार्रवाई होती है और क्या इस मामले की व्यापक जांच शुरू की जाएगी??



