देश भर में छटपूजा
हरिद्वार में ही मां गंगा में भयंकर गंदगी,

रिपोर्ट: दिशा शर्मा, हरिद्वार।
नमानी गंगे के दस वर्षों के लंबे अंतराल के बावजूद भी गंगा गंदगी का घूंट पी रही है,।।
गंगा नदी उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल से होकर बहती है। इनमें उत्तराखंड को “नमामि गंगे” योजना का केंद्र बिंदु माना गया था क्योंकि यही से मां गंगा का उद्गम होता है। स्वाभाविक रूप से यदि यहीं से गंगा दूषित होकर बहना शुरू कर दे, तो नीचे के राज्यों में प्रदूषण फैलना तय है।

हरिद्वार — जो आस्था और पवित्रता का प्रतीक माना जाता है — आज भी सीवर और नालों के दूषित जल से जूझ रहा है। हाल ही में सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो ने प्रशासन की पोल खोल दी, जिनमें शहर के विभिन्न घाटों पर सीवर लाइन से गंदा पानी सीधे गंगा में गिरता हुआ देखा गया।
सबसे गंभीर स्थिति भूपतवाला क्षेत्र में देखने को मिली, जहाँ सीवेज नाला कई दिनों तक ओवरफ्लो होकर बिना किसी रोकथाम के गंगा में गिरता रहा। जल संस्थान और प्रशासनिक अधिकारी इस पूरी स्थिति पर मौन बने रहे। नतीजा यह हुआ कि न केवल “नमामि गंगे” योजना की साख पर दाग लगा, बल्कि हरिद्वार की धार्मिक आस्था भी आहत हुई।
हम इसकी मांग बड़े पैमाने पर उठाएंगे गंगा मां को किसी भी रूप में दूषित नहीं होने देंगे उज्ज्वल पंडित
सचिव
श्रीगंगा सभा ,हरिद्वार




