सिंहद्वार से लक्सर तक अवैध होर्डिंग माफिया का साम्राज्य, मौत को दावत दे रही प्रशासनिक लापरवाही
रिपोर्ट: अरुण कश्यप,
हरिद्वार। सिंहद्वार से लेकर लक्सर तक राष्ट्रीय राजमार्ग पर अवैध होर्डिंग्स का साम्राज्य इस कदर फैल चुका है कि पूरा मार्ग मानो “होर्डिंग माफियाओं” की गिरफ्त में आ गया हो। सड़क किनारे, बिजली पोलों और सार्वजनिक संपत्तियों पर टंगे इन विशाल होर्डिंग्स ने जहां यात्रियों की जान पर खतरा पैदा कर दिया है, वहीं विभागीय उदासीनता और राजनीतिक दबाव की कहानी भी उजागर कर दी है।
सूत्र बताते हैं कि अधिकारी “नोटिस जारी” करने तक ही सीमित हैं। न कोई तोड़फोड़, न कोई जब्ती—सिर्फ कागज़ी कार्रवाई। कई सफेदपोश नेताओं की संलिप्तता के कारण विभाग की कार्रवाई ठप पड़ी है। परिणामस्वरूप राजमार्ग के दोनों ओर अवैध ढांचे जंगल की तरह फैल चुके हैं।
जगजीतपुर, कनखल, अजीतपुर, शाहपुर, सुलतानपुर और खानपुर क्षेत्रों में तो ये ढांचे सड़कों के इतना करीब हैं कि ज़रा सी चूक जानलेवा साबित हो सकती है। बढ़ती दुर्घटनाएं इस खतरे की गवाही दे रही हैं।
अधिशासी अभियंता सुरेश तोमर ने कहा, “विभाग द्वारा पहले भी नोटिस जारी किए गए हैं, अब स्थानीय प्रशासन की मदद से अवैध होर्डिंग्स और यूनिपोल हटाने की कार्रवाई जल्द शुरू की जाएगी।” लेकिन सवाल वही—क्या इस बार वाकई डंडा चलेगा, या फिर मामला फिर से नोटिसों के ढेर में दफन हो जाएगा?



