गणेश वैद सत्यम एक्सप्रेस
हरिद्वार। आज की स्वार्थ भरी दुनिया में जहां एक ओर कुछ लोग अपने वृद्ध मां बाप, सास ससुर की इज्जत तक नहीं करते, वहीं ऐसे भी श्रवण कुमार व सावित्री है जो मां बाप व अपने सास ससुर के प्रति अपार श्रद्धा भाव रखते है। ऐसे ही एक व्यक्ति व एक महिला की तस्वीरे सामने आई जिसमें एक व्यक्ति अपनी वृद्ध मां को कांवड़ में बैठाकर तीर्थ यात्रा के लिए लाया वहीं एक महिला भी अपनी वृद्ध सास को पालकी में बैठाकर यात्रा करा रही है।
हरिद्वार में भले ही कांवड़ यात्रा विधिवत 11 जुलाई से शुरू हो रही है किन्तु कुछ कांवड़िए अभी से धर्मनगरी हरिद्वार पहुंचने शुरू हो गए है। इन्हीं में एक युवक श्रवण कुमार बनकर अपनी मां को कांवड़ में बैठाकर पदयात्रा पर निकला है। बात कर रहे है अलीगढ़ के बिलखोरा गांव निवासी संजू बाबा की जो ना सिर्फ भगवान शिव के लिए गंगाजल से भरी कांवड़ उठा रहा है, बल्कि उसी कांवड़ में अपनी मां श्रीमती पुष्पा देवी को भी बैठाकर 300 किलामीटर की पदयात्रा पर निकला है। संजू की यह यात्रा संवेदनाओं, संस्कारों और श्रद्धा की यात्रा है।
सास को यात्रा करा रही बहू
वहीं दूसरी ओर उत्तर प्रदेश के हापुड़ से आई एक महिला अपने बच्चों के साथ अपनी सास को कांवड़ पर बिठाकर हरिद्वार आई है। जिसकी चर्चा तीर्थनगरी के हर ओर हो रही है। यह बहु हर की पैड़ी से गंगाजल भरकर बुजुर्ग सास को पालकी में बैठाए, हरिद्वार से हापुड़ के लिए निकल चुकी है। हापुड़ की रहने वाली आरती अपनी दो बेटियों और भतीजे के साथ अपनी सास पुष्पा को पालकी पर बैठा कर कांवड़ यात्रा करा रही हैं। आरती की सास बहु की इस सेवा से प्रसन्न है। उनका कहना है कि ऐसी बहु भगवान सभी को दे।



