हरिद्वार ग्रामीण में विधायक निधि के कार्यों पर उठे सवाल, चुनाव से पहले अनुपमा रावत को घेरने की तैयारी।
भाजपा नेता शिवा चौहान ने जड़े आरोप।
80 प्रतिशत निधि एक खास वर्ग पर खर्च करने के आरोप, विकास कार्यों का गांववार हिसाब सार्वजनिक करने की उठी मांग।
रिपोर्ट: अरुण कश्यप
हरिद्वार। विधानसभा चुनाव 2027 से पहले हरिद्वार ग्रामीण की विधायक अनुपमा रावत के कार्यकाल में हुए विकास कार्यों को लेकर राजनीतिक सवाल उठने लगे हैं। आरोप है कि विधायक निधि से कराए गए कार्यों में क्षेत्र के सभी वर्गों और गांवों को समान प्राथमिकता नहीं मिली। हालांकि, विधायक निधि के 80 प्रतिशत कार्य किसी एक वर्ग के लिए होने के लिए करने का आरोप लगाया है,
वर्ष 2022 से जून 2026 तक के विधायक निधि संबंधी उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, अनुपमा रावत ने अपनी निधि का लगभग 73 प्रतिशत खर्च किया है। वर्ष 2024 में विधायक ने पथरी क्षेत्र के जमालपुर कला, फेरुपुर, मिस्सरपुर, धारीवाला, अंबुवाला, फुलगढ़, गोविंदगढ़ और दुर्गागढ़ सहित कई गांवों में 37.71 लाख रुपये की विकास योजनाओं का शुभारंभ किया था। इसी वर्ष जमालपुर कलां, मिस्सरपुर, पंजनहेड़ी, अजीतपुर, बहादरपुर जट, गाडोवाली, जियापोता, फेरुपुर, पदार्था और अन्य गांवों में विधायक निधि तथा एचआरडीए की 1.57 करोड़ रुपये से अधिक की योजनाओं का शिलान्यास भी हुआ था।
इसके बावजूद सवाल है कि क्या विकास कार्यों का लाभ विधानसभा क्षेत्र के सभी गांवों और सामाजिक वर्गों तक समान रूप से पहुंचा? क्या ग्रामीण क्षेत्रों की सड़क, जल निकासी, पेयजल और संपर्क मार्ग जैसी समस्याओं का समाधान प्राथमिकता से हुआ?
आगामी चुनाव में विधायक को इन सवालों का जवाब देना पड़ सकता है। दूसरी ओर, अवैध कॉलोनियों में सड़कें बनवाने और भू-माफियाओं को लाभ पहुंचाने में भी हरिद्वार ग्रामीण की विधायक पहले नंबर पर है,अब जनता के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है कि विधायक निधि से हुए कार्यों की गांववार सूची, लागत और लाभार्थी क्षेत्रों का विवरण सार्वजनिक होगा या नहीं? निष्पक्ष जवाबदेही के लिए विधायक का पक्ष और संबंधित विभागों का आधिकारिक रिकॉर्ड भी सामने आना चाहिए।
उन्होंने कहा कि अब मैं पूरे हरिद्वार ग्रामीण में गांव-गांव कर कर घूम रहा हूं लोग मूलभूत सुविधाओं से भी तरस रहे हैं सबका एक ही जवाब है कि इस बार हम अपने विकास के लिए वोट करेंगे और बाहरी उम्मीदवारों को बिल्कुल वोट नहीं देंगे


