आरई वॉल पेंटिंग टेंडर पर उठे सवाल, NHIT के MD-CEO और COO की भूमिका की जांच की मांग
नौ कंपनियों ने लगाई थी बोली, सन इंडिया को कार्य आवंटित किए जाने पर उठे सवाल; वित्तीय पात्रता और निविदा मूल्यांकन की निष्पक्ष जांच की मांग
रिपोर्ट: मोहित प्रधान
हरिद्वार। आरई वॉल थीम पेंटिंग के ठेके को लेकर कार्य आवंटन प्रक्रिया पर सवाल उठने लगे हैं। मामले में राष्ट्रीय राजमार्ग अवसंरचना ट्रस्ट (NHIT) की निविदा प्रक्रिया, वित्तीय पात्रता और वरिष्ठ अधिकारियों की भूमिका की निष्पक्ष जांच की मांग की गई है।
शिकायत के अनुसार, संबंधित निविदा प्रक्रिया में कुल नौ कंपनियों ने बोली लगाई थी। तकनीकी मूल्यांकन में शिव शक्ति इंफ्राबिल्डवेल प्राइवेट लिमिटेड और परवीन कॉन्ट्रैक्टर को पात्र बताया गया। इसके बाद वित्तीय बोली में शिव शक्ति इंफ्राबिल्डवेल को एल-1 और परवीन कॉन्ट्रैक्टर को एल-2 बताया गया। शिकायतकर्ता ने सवाल उठाया है कि इन परिस्थितियों के बावजूद कार्य सन इंडिया को किस आधार पर आवंटित किया गया।
शिकायत में सन इंडिया का वार्षिक कारोबार करीब 15 से 20 लाख रुपये होने का दावा किया गया है, जबकि निविदा की पात्रता शर्तों में लगभग पांच करोड़ रुपये के वार्षिक कारोबार की आवश्यकता होने की बात कही गई है। ऐसे में कंपनी के वास्तविक टर्नओवर, वित्तीय क्षमता, बिड कैपेसिटी और पात्रता संबंधी दस्तावेजों की जांच कराने की मांग की गई है।
मामले में NHIT के MD एवं CEO रक्षित जैन और COO अर्पण घोष की भूमिका पर भी सवाल उठाए गए हैं। NHIT के बहादराबाद कार्यालय से जुड़े एक सूत्र ने नाम प्रकाशित न करने की शर्त पर कुछ ठेकेदारों को प्राथमिकता दिए जाने के आरोप लगाए हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
शिकायतकर्ता ने निविदा की शर्तों, तकनीकी एवं वित्तीय मूल्यांकन रिपोर्ट और सक्षम प्राधिकारी की मंजूरी की जांच कराने की मांग की है। साथ ही, किसी भी अनियमितता की पुष्टि होने पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की मांग की गई है।
फिलहाल, मामले में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और संबंधित अधिकारियों का पक्ष सामने आना बाकी है। जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि कार्य आवंटन में निर्धारित नियमों और पात्रता शर्तों का पालन किया गया था या नहीं।



