झटका! राष्ट्रीय सहारा का देहरादून संस्करण अचानक बंद, कर्मचारियों को रातों-रात काम से रोका
रिपोर्ट दिशा शर्मा
उत्तराखंड की मीडिया दुनिया के लिए यह खबर किसी बड़े सदमे से कम नहीं है। राष्ट्रीय सहारा का देहरादून संस्करण गुरुवार देर रात अचानक बंद कर दिया गया। बिना किसी पूर्व सूचना के प्रबंधन ने कर्मचारियों को फोन कर साफ शब्दों में कह दिया कि अब उन्हें कार्यालय आने की आवश्यकता नहीं है। इस अचानक फैसले से पत्रकारों और कर्मचारियों में आक्रोश और असमंजस की स्थिति बन गई।
इसके बावजूद शुक्रवार सुबह बड़ी संख्या में रिपोर्टर, सब-एडिटर और अन्य कर्मचारी दफ्तर पहुंचे। रिपोर्टरों ने नियमित रूप से खबरें लिखीं और सब-एडिटरों ने पेज भी तैयार किए, लेकिन इसके बाद भी अखबार प्रेस से बाहर नहीं आ सका। अखबार के प्रकाशन न होने की पुष्टि होते ही मीडिया जगत में चर्चाओं का दौर तेज हो गया। कर्मचारियों ने इसे पत्रकारिता और श्रम अधिकारों पर सीधा हमला बताया है।



