आश्रम कब्जा विवाद में स्वामी महा चैतन्य सरस्वती का पलटवार, बोले— सभी आरोप निराधार।
रिपोर्ट: अरुण कश्यप!
हरिद्वार। देहरादून जनपद के हरिपुर कलां स्थित राष्ट्र भक्ति आश्रम को लेकर चल रहे विवाद में स्वामी महा चैतन्य सरस्वती ने साध्वी रेणुका द्वारा लगाए गए सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। शुक्रवार को प्रेस क्लब हरिद्वार में आयोजित पत्रकार वार्ता में स्वामी महा चैतन्य सरस्वती ने स्पष्ट किया कि वह किसी भी प्रकार के तंत्र-मंत्र में संलिप्त नहीं हैं और उनके खिलाफ लगाए गए आरोप एक सोची-समझी साजिश का हिस्सा हैं।उन्होंने कहा कि वर्षों की तपस्या और परिश्रम से उन्होंने राष्ट्र भक्ति आश्रम की स्थापना की थी, लेकिन अब कुछ लोग इसे हड़पने का प्रयास कर रहे हैं। स्वामी जी ने आरोप लगाया कि साध्वी रेणुका ने निरंजन नामक व्यक्ति के साथ मिलकर उनके साथ मारपीट की और आश्रम पर कब्जा करने की कोशिश की। उन्होंने इसे संत परंपरा को बदनाम करने वाला कृत्य बताया और कहा कि संत समाज के किसी व्यक्ति पर पहली बार एससी एक्ट लगाए जाने की घटना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
स्वामी महा चैतन्य सरस्वती ने मुख्यमंत्री से ऐसे लोगों को, जिन्हें उन्होंने “कालनेमि” कहा, तत्काल गिरफ्तार करने की मांग की। वहीं, पत्रकार वार्ता में मौजूद साध्वी प्राची ने भी साध्वी रेणुका के कृत्यों की कड़ी निंदा करते हुए सख्त कार्रवाई की मांग की।
उधर, आबकारी आयुक्त आईएएस अनुराधा पाल ने स्पष्ट किया कि उनका इस विवाद से कोई लेना-देना नहीं है और यह मामला पूरी तरह आश्रम से जुड़ा निजी विवाद है।



