आश्रम हड़पने का मामला: साध्वी रेणुका ने आईएएस अनुराधा पाल, एसपी देहात और थानाध्यक्ष रायवाला को सस्पेंड करने की मांग उठाई
आईएएस अनुराधा पाल और रायवाला पुलिस पर गंभीर आरोप, अपराधियों को संरक्षण देने का दावा।
रिपोर्ट:अरुण कश्यप;
हरिद्वार। जनपद देहरादून के हरिपुर कलां स्थित राष्ट्र भक्ति आश्रम को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। आश्रम की साध्वी रेणुका ने आईएएस अनुराधा पाल, एसपी देहात और थानाध्यक्ष रायवाला पर गंभीर आरोप लगाते हुए उन्हें तत्काल निलंबित किए जाने की मांग की है। साध्वी का आरोप है कि प्रशासनिक संरक्षण में बाहरी बदमाशों के जरिए उनका आश्रम हड़पने का प्रयास किया गया।
बुधवार को हरिद्वार प्रेस क्लब में पत्रकारों से बातचीत करते हुए साध्वी रेणुका ने कहा कि आईएएस अनुराधा पाल के संरक्षण और रायवाला पुलिस की कथित मिलीभगत से उनके वर्षों की तपस्या से स्थापित आश्रम को अवैध रूप से कब्जे में लेने की साजिश रची गई। उन्होंने बताया कि मेरठ-खतौली से आए बदमाशों द्वारा आश्रम पर कब्जे का प्रयास किया गया, लेकिन पुलिस और प्रशासन ने कोई कार्रवाई नहीं की।
साध्वी रेणुका ने बताया कि उन्होंने 03 नवंबर 2025 को कपिल तिवारी, सुरेश सहित अन्य लोगों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज कराई थी, जिसमें आश्रम में चोरी और अवैध कब्जे की नीयत का स्पष्ट उल्लेख था। इसके बावजूद आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, जिससे आरोपियों के हौसले और बढ़ गए।
उन्होंने आरोप लगाया कि 13 नवंबर 2025 को आईएएस अनुराधा पाल के संरक्षण में उनके माता-पिता, भाई और आपराधिक प्रवृत्ति के अन्य लोग आश्रम पहुंचे और उन्हें खुलेआम धमकी दी गई कि आश्रम छोड़कर भाग जाओ, अन्यथा जान से मार दिया जाएगा। जब साध्वी भयभीत होकर इसकी सूचना देने थाना रायवाला पहुंचीं तो उन्हें अपमानित कर वहां से भगा दिया गया। इस पूरे घटनाक्रम से आहत होकर उन्होंने राज्य के प्रमुख सचिव को भी पत्र लिखा, लेकिन उस पर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई।
साध्वी रेणुका ने आगे बताया कि 20 नवंबर 2025 को कुछ हथियारबंद अपराधियों द्वारा उन पर जानलेवा हमला किया गया। इसकी सूचना डायल 112 पर दी गई, लेकिन मौके पर पहुंचे चौकी प्रभारी का रवैया न्याय दिलाने के बजाय मामले को दबाने और उन पर समझौते का दबाव बनाने वाला रहा। उन्होंने आरोप लगाया कि बाद में एफआईआर तो दर्ज की गई, लेकिन न तो समय पर मेडिकल कराया गया और न ही जांच में कोई प्रगति हुई।
उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस लगातार उन्हें और उनकी गुरु मां स्वामी निर्जना चेतन जी को झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकियां दे रही है, जबकि गुरु मां स्वयं उनके साथ हुए अत्याचार की गवाह हैं।
साध्वी रेणुका ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि जबकि आश्रम से जुड़ा उत्तराधिकार का मामला न्यायालय में विचाराधीन है, इसके बावजूद एसडीएम ऋषिकेश ने अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर फर्जी आपराधिक संदर्भों के आधार पर आश्रम खाली कराने का आदेश पारित कर दिया। बिना महिला पुलिस की मौजूदगी और बिना पर्याप्त अवसर दिए आश्रम को बलपूर्वक खाली करा दिया गया।
उन्होंने आरोप लगाया कि इस पूरे पुलिसिया और प्रशासनिक अत्याचार में एसपी देहात, सीओ ऋषिकेश, थानाध्यक्ष रायवाला और एसडीएम ऋषिकेश शामिल हैं, जबकि इस पूरे घटनाक्रम की सूत्रधार आईएएस अनुराधा पाल हैं।
साध्वी रेणुका ने कहा कि इन हालातों के कारण वह आज देवभूमि उत्तराखंड में बिना किसी आश्रय के रहने को मजबूर हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष एवं स्वतंत्र जांच कराई जाए, दोषियों को सख्त सजा दी जाए और उनका आश्रम उन्हें वापस दिलाया जाए।



