आशाओं का कटकल्चर: गर्भवती महिलाओं पर कमीशन की जकड़, स्वास्थ्य तंत्र में फैल रहा आतंक!

रिपोर्ट:दिशा शर्मा!
शहर में आशाओं का ‘कटकल्चर’ अब खुलेआम आतंक बन चुका है। सूत्रों के अनुसार प्रत्येक अल्ट्रासाउंड पर ₹450 तक का कमीशन तय है, जबकि सर्जरी (सी-सेक्शन) पर आशाओं को 30% तक हिस्सा मिलता है। हालात इतने भयावह हैं कि जिस तरह किन्नर नवजात के जन्म की खबर पर घर पहुंच जाते हैं, उसी तरह आशाएं अब गर्भवती महिलाओं के घर-घर जाकर उन्हें “अपनी मरीज” बना लेती हैं। पूरे नौ महीने तक महिला पर नियंत्रण रखकर उसे उसी अस्पताल में भर्ती कराया जाता है, जहां से सबसे अधिक कमीशन मिलता है। यह व्यवस्था न केवल चिकित्सा की नैतिकता पर प्रश्नचिह्न लगाती है, बल्कि मातृ स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा भी बन चुकी है। यह एक दुखद, परंतु सच्ची तस्वीर है — जहां सेवा की आड़ में सौदेबाज़ी फल-फूल रही है।



