डीएवी स्कूल विवाद में बड़ा धमाका: मानहानि मामले में शिक्षिका अनुराधा गुप्ता को कोर्ट में पेश होने का आदेश, प्रधानाचार्य की प्रतिष्ठा पर हमला साबित!
रिपोर्ट:अरुण कश्यप!
हरिद्वार। डीएवी पब्लिक स्कूल जगजीतपुर से जुड़ा विवाद एक बार फिर जोर पकड़ता दिखाई दे रहा है। वर्षों से विवादों में घिरे इस मामले में अब बड़ा मोड़ आ गया है। न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वितीय हरिद्वार श्री शैलेंद्र कुमार यादव की अदालत ने शिक्षिका अनुराधा गुप्ता को धारा 500 आईपीसी (मानहानि) के तहत 10 दिसंबर 2025 को व्यक्तिगत रूप से न्यायालय में उपस्थित होने का आदेश जारी किया है।
यह मामला स्कूल के तत्कालीन प्रधानाचार्य पी.सी. पुरोहित द्वारा दायर किया गया था, जिन्होंने शिक्षिका पर झूठी शिकायतें कर उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा को धूमिल करने का गंभीर आरोप लगाया था। अधिवक्ता अरुण भदोरिया ने अदालत में तर्क दिया कि अनुराधा गुप्ता, जो वर्ष 1997 से स्कूल में कार्यरत हैं, ने पूर्व में भी कई प्रधानाचार्यों के विरुद्ध बिना सबूतों के झूठे आरोप लगाए। पुरोहित के पदभार संभालने के बाद उन्होंने कई विभागों, मंत्रालयों और आयोगों में शिकायतें भेजीं, जो जांच में पूरी तरह असत्य पाई गईं।
इसके बाद शिक्षिका ने यूट्यूब पर प्रधानाचार्य के खिलाफ आपत्तिजनक वीडियो अपलोड कर दिया, जिससे पी.सी. पुरोहित की सामाजिक छवि को गहरा नुकसान पहुंचा। वर्ष 2017 में पुरोहित ने उन्हें कानूनी नोटिस भेजा, लेकिन कोई जवाब न मिलने पर उन्होंने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया।
मामले की विस्तृत सुनवाई में न्यायालय ने माना कि शिक्षिका की शिकायतें निराधार थीं और प्रधानाचार्य की मानहानि का स्पष्ट प्रयास था। अब कोर्ट के आदेश के तहत अनुराधा गुप्ता को व्यक्तिगत रूप से पेश होना अनिवार्य होगा।
हरिद्वार की शिक्षा जगत में यह मामला फिर से हलचल पैदा कर रहा है — क्योंकि यह केवल एक स्कूल विवाद नहीं, बल्कि शिक्षक-प्रधानाचार्य संबंधों और संस्थागत अनुशासन पर बड़ा सवाल खड़ा करता है।



