प्रेम विद्यालय की छात्राओं ने बनाया डिजिटल पुल, अंतरराष्ट्रीय मंच पर मिला सम्मान!
रिपोर्ट:दिशा शर्मा!
आगरा।कभी छात्रवृत्ति से वंचित लक्ष्मी और ज़मीन गंवाने वाले किसान रमेश जैसी कहानियां व्यवस्था की खामियों को उजागर करती हैं। इन्हीं वास्तविक समस्याओं से प्रेरणा लेकर डीईआई प्रेम विद्यालय, आगरा की छात्राओं आरना दयाल (कक्षा 12) और बानी सत्संगी (कक्षा 11) ने समाज को जोड़ने वाला एक अनूठा डिजिटल मंच “सिविकसेतु” तैयार किया।
इस अभिनव परियोजना ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई और 15 से 17 सितंबर तक आयोजित SciHi Virtual Hackathon 2025 में तृतीय पुरस्कार अपने नाम किया। इस पूरी प्रक्रिया में दोनों छात्राओं का मार्गदर्शन उनके समन्वयक और गाइड हार्दिक चड्ढा ने किया।
क्या है ‘सिविकसेतु’
सिविकसेतु का उद्देश्य नागरिकों को न्याय, शिक्षा, स्वास्थ्य और त्वरित सहायता से जोड़ना है। इस प्लेटफॉर्म की खास बात यह है कि इसके लिए किसी ऐप को इंस्टॉल करने की आवश्यकता नहीं है और यह 22 से अधिक भारतीय भाषाओं में उपलब्ध होगा।
पढ़ने-लिखने में कठिनाई झेलने वाले लोगों के लिए इसमें वॉयस-फर्स्ट सुविधा दी गई है, जिससे सिर्फ आवाज़ के माध्यम से इसका उपयोग किया जा सकेगा
नीति विशेषज्ञों का मानना है कि भारत जैसे देश में, जहां ग्रामीण क्षेत्रों के 60% परिवारों की नियमित डिजिटल पहुंच नहीं है, ऐसे प्रयास डिजिटल खाई को पाटने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा
पुरस्कार पाकर उत्साहित आरना और बानी ने अपने सपनों को साझा करते हुए कहा
> “हमारा लक्ष्य सरल है —
एक क्लिक। एक आवाज़। एक सिविकसेतु।



