स्टोन क्रेशरों स्वामियों को सुप्रीम कोर्ट ने किया निराश।
याचिका खारिज ।
रिपोर्ट:दिशा शर्मा!
नई दिल्ली/हरिद्वार। सुप्रीम कोर्ट ने हरिद्वार जनपद के 48 स्टोन क्रेशरों पर उत्तराखण्ड उच्च न्यायालय द्वारा लगाई गई रोक को बरकरार रखते हुए स्टोन क्रेशर मालिकों की विशेष अनुमति याचिका (SLP) को खारिज कर दिया।
स्टोन क्रेशर मालिकों ने इस आदेश को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया था और देश के वरिष्ठ अधिवक्ता डॉ. अभिषेक मनु सिंघवी के माध्यम से दलीलें दीं। वहीं, उत्तराखण्ड सरकार की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी ने पक्ष रखा। लेकिन मातृसदन ने क्रेशर मालिकों की सभी दलीलों का सशक्त विरोध किया।
मुख्य न्यायाधीश जस्टिस बी आर गवई और जस्टिस एन वी अंजारिया की पीठ ने सभी पक्षों को सुनने के बाद स्टोन क्रेशर मालिकों की याचिका खारिज कर दी।
इस फैसले से एक ओर जहां मातृ सदन के संतो में खुशी का माहौल देखने को मिल रहा है तो वहीं दूसरी ओर स्टोन क्रेशर स्वामियों में घोर निराशा भी दिखाई दे रही है,



