अतिक्रमण के नाम पर रेहड़ी-पटरी व्यवसायियों का शोषण, आंदोलन की चेतावनी
भाकियू और ऑटो यूनियन ने दिया समर्थन, डीएम से वार्ता के बाद होगा अगला फैसला
रिपोर्टों दिशा शर्मा
मनसा देवी मंदिर हादसे के बाद रोड़ीबेलवाला क्षेत्र में रेहड़ी-पटरी व्यवसायियों पर प्रशासन की ओर से अतिक्रमण के नाम पर की जा रही कार्रवाई के खिलाफ विरोध तेज हो गया है। प्रेस क्लब सभागार में आयोजित बैठक में रेहड़ी-पटरी व्यापारियों, ऑटो यूनियन और भारतीय किसान यूनियन के नेताओं ने एक सुर में इस कार्रवाई को अन्यायपूर्ण बताते हुए आंदोलन की चेतावनी दी है। बैठक की शुरुआत हादसे में मृतकों को श्रद्धांजलि देते हुए दो मिनट का मौन रखकर की गई।
रेहड़ी-पटरी व्यापारियों के नेता संजय चोपड़ा ने कहा कि वर्ष 2012 में बनाए गए 15 अधिकृत वेंडिंग जोनों में रोड़ीबेलवाला क्षेत्र भी शामिल है, बावजूद इसके प्रशासन इस क्षेत्र में अतिक्रमण के नाम पर दुकानदारों को खदेड़ने में लगा है। उन्होंने कहा कि यदि प्रशासन का यह रवैया यूं ही चलता रहा तो आंदोलन के लिए बाध्य होना पड़ेगा। साथ ही चेताया कि डीएम मयूर दीक्षित से वार्ता की जाएगी और यदि समाधान नहीं निकला तो व्यापक आंदोलन की रणनीति तैयार की जाएगी।
ऑटो यूनियन अध्यक्ष सत्यनारायण शर्मा ने व्यापारियों को संगठित रहने की अपील करते हुए कहा कि अगर लघु व्यापारी एकजुट हो जाएं, तो अपने जनप्रतिनिधि खुद चुन सकते हैं। उन्होंने संजय चोपड़ा को संघर्षशील नेतृत्व बताते हुए कहा कि अगर आंदोलन के दौरान दुकानों को कुछ दिन के लिए बंद भी करना पड़े, तो व्यापारियों को पीछे नहीं हटना चाहिए।
महिला मोर्चा की नेता पूनम माकन ने दो टूक कहा कि अतिक्रमण का मुद्दा केवल रेहड़ी वालों तक सीमित नहीं है। यदि बड़े बाजार के व्यापारी अतिक्रमण हटाएं, तो छोटे व्यापारी भी पीछे नहीं रहेंगे।
कार्यक्रम में व्यापारी नेताओं ने स्पष्ट कहा कि सभी लघु व्यापारियों को संगठित होना होगा, तभी शोषण के खिलाफ लड़ाई सफल हो सकेगी। कार्यक्रम के अंत में अतिथियों को पटका पहनाकर सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर सत्यनारायण शर्मा, प्रभात चौधरी, शिव कुमार गुप्ता, तेजप्रकाश साहू, पं. चंद्र प्रकाश शर्मा, कमल शर्मा, किसान नेता अनिल शर्मा, मोनू तोमर, तस्लीम अंसारी, आलोक मिश्रा सहित अनेक व्यापारी और संगठन पदाधिकारी मौजूद रहे।



