खनन माफियाओं से खतरे की आशंका: मातृ सदन आश्रम के लिए 18 पुलिस कर्मियों की सुरक्षा की मांग।
रिपोर्ट: दिशा शर्मा!
हरिद्वार ।मातृ सदन आश्रम के लिए खतरे की आशंका जताते हुए एडवोकेट अरुण भदौरिया एवं कमल भदौरिया ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर 18 पुलिसकर्मियों की स्थायी तैनाती की मांग की है। पत्र में उल्लेख किया गया है कि स्वामी शिवानंद महाराज सहित सभी संतों की सुरक्षा के लिए यह आवश्यक कदम उठाना जरूरी है, क्योंकि आश्रम लंबे समय से गंगा संरक्षण और अवैध खनन के विरुद्ध संघर्ष करता आ रहा है।
मातृ सदन आश्रम ने हरिद्वार की 108 हेक्टेयर वन भूमि को भू-माफियाओं के कब्जे से मुक्त कराकर वन विभाग को वापस दिलाया था। इस कार्य के लिए आश्रम ने उत्तराखंड उच्च न्यायालय में PIL संख्या 175/2001 दायर की थी, जिसका समस्त व्यय आश्रम ने स्वयं उठाया। यही भूमि आज कुंभ और कांवड़ मेले जैसे विशाल आयोजनों में प्रयुक्त होती है। आश्रम के ब्रह्मलीन स्वामी ज्ञान स्वरूपानंद एवं स्वामी निगमानंद जी ने मां गंगा की रक्षा के लिए कठोर तपस्या और बलिदान दिया, जिससे आश्रम को देश-विदेश में एक आध्यात्मिक पहचान मिली है।
हाल ही में उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने जनहित याचिका संख्या 15/2022 पर सुनवाई करते हुए हरिद्वार जनपद में अवैध रूप से संचालित 48 स्टोन क्रेशरों को तत्काल बंद करने के आदेश दिए हैं। कोर्ट ने जिलाधिकारी एवं एसएसपी हरिद्वार को बिजली-पानी काटने जैसे सख्त निर्देश भी दिए हैं। इस आदेश के बाद खनन माफिया बौखलाए हुए हैं और पूर्व में भी आश्रम के संतों पर जानलेवा हमलों के प्रयास हो चुके हैं।
पत्र में यह भी उल्लेख है कि आश्रम वन क्षेत्र से सटा हुआ है और वर्तमान में किसी भी प्रकार की सुरक्षा व्यवस्था मौजूद नहीं है, जिससे किसी बड़ी अनहोनी की आशंका जताई गई है। ऐसे में आश्रम की सुरक्षा के लिए स्थायी रूप से पुलिस बल की तैनाती समय की मांग है।



