जल जीवन मिशन में अरबों के घोटाले के आसार
एक्शन मोड में आई ई.डी.कसा शिकंजा,
रिटायर्ड विभाग पर की भूमिका भी सवालों के घेरे में।
रिपोर्ट:अरुण कश्यप
देहरादून। देश के प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी का ड्रीम प्रोजेक्ट कहे बहुचर्चित योजना जल जीवन मिशन अब प्रदेश में भ्रष्टाचार के दलदल में फंसती नजर आ रही है। हर घर नल से जल पहुंचाने का सपना अब करोड़ों के घोटाले की हकीकत में तब्दील हो गया है।इस मामले में अब प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने सख्ती दिखाते हुए पेयजल निगम के कई अधिकारियों को मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत नोटिस थमा दिए हैं। बताया जा रहा है कि केंद्र द्वारा जारी भारी भरकम राशि का दुरुपयोग कर उसे अन्य जगह ठिकाने लगाया गया।योजना में गड़बड़ियों के चलते केंद्र सरकार ने धनराशि रोक दी है, जिसके चलते ठेकेदारों को भी विभाग भुगतान नहीं कर पा रहा है। इसी के चलते कई योजनाए अब अधर में लटक गई है।
सूत्रों के मुताबिक, पूर्व एमडी, वर्तमान मुख्य अभियंता, और कई अन्य अफसर ईडी की जांच के दायरे में हैं। राज्य शासन के अधिकारियों की भूमिका भी अब शक के घेरे में है।
कैसे हुआ खुलासा
इस घोटाले का खुलासा तब हुआ जब केंद्र को विभिन्न राज्यों से शिकायतें मिलीं। उत्तराखंड में लापरवाह निर्माण, घटिया सामग्री, फर्जी भुगतान और समयसीमा का उल्लंघन जैसे गंभीर आरोपों की पुष्टि होने पर जांच एजेंसियों ने शिकंजा कसना शुरू किया।
पेयजल निगम में अंदरूनी गुटबाजी और भ्रष्टाचार
पेयजल निगम पहले से ही गुटबाजी और अंदरूनी राजनीति का शिकार रहा है। लेकिन जबसे ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग के पहलू से जांच शुरू की है, अधिकारियों में अफरातफरी का माहौल है।
वहीं दूसरी ओर हाल ही में सेवानिवृत हुई एक विभाग प्रमुख की कार्यशैली भी बड़े सवालिया निशानों के घेरे में है,
हालांकि समय समय पर उन पर भी कई गंभीर आरोप लगते रहते हैं किंतु अपनी ऊंची पहुंच के कारण उनका हमेशा बचाव हुआ है,



