सद्भावना और सेवा से सराबोर हुआ हरिद्वार ग्रामीण, जगह-जगह कांवड़ियों के लिए लगे भंडारे।
हरिद्वार । मिस्सरपुर से फेरूपुर तक स्थानीय लोगों ने किया शिवभक्तों का स्वागत, फल-फूल, पानी, प्रसाद और हलवा बांटा; हरिद्वार-लक्सर मार्ग पर लगा भीषण जाम
रिपोर्ट अरुण कश्यप
हरिद्वार। रविवार को हरिद्वार ग्रामीण क्षेत्र में मिस्सरपुर से फेरूपुर तक स्थानीय लोगों ने कांवड़ियों के प्रति सेवा और सद्भावना की मिसाल पेश की। क्षेत्र में जगह-जगह शिवभक्तों का स्वागत करते हुए उन्हें फल, फूल, पानी, प्रसाद और हलवा वितरित किया गया। कांवड़ यात्रा के चलते हरिद्वार-लक्सर मार्ग पर दिनभर वाहनों का दबाव बना रहा और कई स्थानों पर जाम की स्थिति रही।
बैरागी कैंप की ओर जाने वाले वाहनों की लंबी कतारें जगजीतपुर से फेरूपुर और धनपुरा तक दिखाई दीं। भीषण गर्मी और लंबी यात्रा के बीच कांवड़ियों की जरूरतों को देखते हुए स्थानीय लोगों ने जगह-जगह सेवा शिविर और भंडारों का आयोजन किया। इन शिविरों में श्रद्धालुओं को जलपान कराने के साथ भोजन और प्रसाद उपलब्ध कराया गया।
अजीतपुर में पूर्व प्रधान अवधेश चौहान आदि के नेतृत्व में कांवड़ियों को हलवे का प्रसाद वितरित किया गया। वहीं जियापोता में विनोद कश्यप आदि के सहयोग से विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जहां बड़ी संख्या में शिवभक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया।
इसी क्रम में कटारपुर में वरिष्ठ भाजपा नेता धर्मेंद्र चौहान तथा फेरूपुर में भाजपा नेता पंकज सेनी के नेतृत्व में विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। भंडारे का शुभारंभ पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वामी यतीश्वरानंद ने किया। इस दौरान बड़ी संख्या में कांवड़ियों को भोजन और प्रसाद वितरित किया गया।
स्थानीय लोगों कैलाश, अमरीश आदि ने कहा कि कांवड़ यात्रा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सेवा, सहयोग और भाईचारे का भी पर्व है। शिवभक्तों की सेवा के लिए क्षेत्र के लोगों द्वारा किए जा रहे प्रयासों से हरिद्वार ग्रामीण का माहौल श्रद्धा और सद्भावना से सराबोर नजर आया।



