महिला अस्पताल का निजीकरण पड़ रहा है भारी,
गर्भवतियों की जान से खिलवाड़!
चैनराय महिला अस्पताल में जांच रिपोर्ट के लिए 13 दिन से इंतजार के बाद भी हाथ खाली।
रिपोर्ट: अरुण कश्यप
हरिद्वार। चेनराय महिला अस्पताल की व्यवस्थाओं को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। आरोप है कि गर्भवती महिलाओं की महत्वपूर्ण जांचों की रिपोर्ट समय पर उपलब्ध नहीं कराई जा रही है, जिससे मरीजों और उनके परिजनों में चिंता बढ़ रही है। कनखल स्थित ज्ञान लोक कॉलोनी निवासी विजय सिंह ने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए बताया कि उनकी पत्नी रितु सिंह गर्भवती हैं।विजय सिंह के अनुसार, जब उनकी पत्नी करीब 13 सप्ताह की गर्भवती थीं, तब चिकित्सकों ने एक विशेष जांच ड्यूल मारकर कराने की सलाह दी थी। इसके लिए उन्होंने 14 अगस्त को करीब 1360 रुपये का भुगतान किया, लेकिन भुगतान के बावजूद तत्काल सैंपल नहीं लिया गया। बाद में सैंपल लिया गया तो उसे फेल बता दिया गया। इसके बाद 22 सितंबर को दोबारा सैंपल लिया गया, लेकिन 13 दिन बीत जाने के बाद भी जांच रिपोर्ट उन्हें उपलब्ध नहीं कराई गई।विजय सिंह का कहना है कि जब वह रिपोर्ट लेने अस्पताल पहुंचे तो उन्हें यह कहकर वापस भेज दिया गया कि अभी रिपोर्ट नहीं आई है। उनका आरोप है कि वह अकेले ऐसे मरीज नहीं हैं, बल्कि कई गर्भवती महिलाओं की जांच रिपोर्ट लंबित है।
बताया जा रहा है कि जिस निजी जांच संस्था से अस्पताल की जांचें कराई जा रही थीं, उसका अस्पताल प्रबंधन पर भुगतान बकाया होने के कारण उसने महिला अस्पताल के मरीजों की जांच करने में असमर्थता जताई है। ऐसे में सवाल उठता है कि भुगतान संबंधी विवाद का खामियाजा गर्भवती महिलाओं और आम मरीजों को क्यों भुगतना पड़ रहा है।
विशेषज्ञों के अनुसार गर्भावस्था के दौरान कुछ जांचें बेहद महत्वपूर्ण होती हैं। इनका उद्देश्य भ्रूण में संभावित आनुवंशिक या अन्य विकृतियों की समय रहते पहचान करना होता है, ताकि चिकित्सक आगे की उपचार प्रक्रिया के संबंध में उचित निर्णय ले सकें। चैनराय महिला अस्पताल को निजी संचालन व्यवस्था में दिए जाने के बाद से अस्पताल पर वित्तीय और प्रशासनिक व्यवस्थाओं को लेकर पहले भी सवाल उठते रहे हैं। कभी चिकित्सकों के भुगतान को लेकर विवाद तो कभी बिजली के बकाये की बातें सामने आती रही हैं। अब गर्भवती महिलाओं की जांच रिपोर्ट में देरी का मामला सामने आने के बाद अस्पताल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्न खड़े हो गए हैं।



