हर जिले में जिला मानवाधिकार आयोग बनाने की मांग, राष्ट्रपति व मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन
रिपोर्ट:साहिल लांबा!
हरिद्वार। हरिद्वार के वरिष्ठ अधिवक्ता अरुण भदोरिया, अधिवक्ता कमल भदोरिया, अधिवक्ता श्रीमती सुमेधा भदोरिया तथा एलएलबी छात्र चेतन भदोरिया ने महामहिम राष्ट्रपति और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को ज्ञापन भेजकर प्रोटेक्शन ऑफ ह्यूमन राइट्स एक्ट, 1993 में संशोधन कर देश के प्रत्येक जिले में जिला मानवाधिकार आयोग की स्थापना की मांग की है।ज्ञापन में कहा गया कि वर्तमान में राष्ट्रीय और राज्य मानवाधिकार आयोग महत्वपूर्ण कार्य कर रहे हैं, लेकिन विशाल जनसंख्या और बढ़ते मानवाधिकार उल्लंघन के मामलों को देखते हुए जिला स्तर पर आयोग की आवश्यकता महसूस की जा रही है। पुलिस अत्याचार, अवैध हिरासत, महिलाओं, बच्चों, अनुसूचित जाति-जनजाति, दिव्यांगजनों और अन्य कमजोर वर्गों से जुड़े मामलों में पीड़ितों को समय पर राहत नहीं मिल पाती।भदोरिया एसोसिएट्स ने सुझाव दिया कि जिला मानवाधिकार आयोग को शिकायतों की सुनवाई, जांच, अंतरिम राहत व मुआवजे की अनुशंसा, संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की संस्तुति, जेलों, बालगृहों और अन्य संस्थानों का निरीक्षण तथा मानवाधिकार जागरूकता अभियान चलाने के अधिकार दिए जाएं।ज्ञापन में केंद्र सरकार से आग्रह किया गया है कि विधि एवं न्याय मंत्रालय, गृह मंत्रालय और राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के साथ विचार-विमर्श कर उच्च स्तरीय समिति गठित की जाए तथा संसद के आगामी सत्र में आवश्यक विधेयक लाकर प्रत्येक जनपद में जिला मानवाधिकार आयोग की स्थापना का मार्ग प्रशस्त किया जाए। इससे आम नागरिकों को स्थानीय स्तर पर त्वरित न्याय और मानवाधिकार संरक्षण उपलब्ध हो सकेगा।


