स्वामी यतीश्वरानंद के प्रयास रंग लाए, रवासन नदी पर बनेगा 250 मीटर लंबा पैदल स्टील ट्रस पुल

₹9.12 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति जारी, रसूलपुर, मंगोलपुरा, आर्यनगर और लालढांग क्षेत्र के लोगों को मिलेगी राहत**
**रिपोर्ट: अरुण कश्यप**
**हरिद्वार।** पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वामी यतीश्वरानंद और क्षेत्रीय जनता के प्रयास रंग लाए हैं। रवासन नदी पर 250 मीटर लंबे पैदल स्टील ट्रस पुल के निर्माण को प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति मिल गई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की घोषणा के अंतर्गत स्वीकृत इस परियोजना पर शासन ने ₹9 करोड़ 12 लाख 40 हजार रुपये की धनराशि मंजूर की है। इससे रसूलपुर, मंगोलपुरा, आर्यनगर और लालढांग क्षेत्र के लोगों को आवागमन में बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
सोमवार को स्वामी यतीश्वरानंद रसूलपुर में पुल निर्माण की मांग को लेकर चल रहे धरना-प्रदर्शन में पहुंचे। इस दौरान लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता योगेश कुमार ने शासनादेश पढ़कर सुनाया और निर्माण प्रक्रिया की जानकारी दी। स्वीकृति मिलने पर क्षेत्रवासियों ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और स्वामी यतीश्वरानंद का आभार जताया।
स्वामी यतीश्वरानंद ने बताया कि तत्कालीन कैबिनेट मंत्री रहते हुए उन्होंने रवासन नदी पर पुल निर्माण का प्रस्ताव रखा था, जिस पर मुख्यमंत्री ने घोषणा की थी। अब शासन से स्वीकृति मिलने के बाद परियोजना आगे बढ़ने का रास्ता साफ हुआ है।
जिला पंचायत सदस्य बृजमोहन पोखरियाल ने कहा कि क्षेत्र में करीब 50 वर्षों से पुल निर्माण की मांग की जा रही थी। पुल बनने से आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के बीच संपर्क बेहतर होगा और लोगों को नदी पार करने में होने वाली परेशानियों से राहत मिलेगी।
**निर्माण से पहले पूरी करनी होंगी औपचारिकताएं**
शासनादेश के अनुसार पुल की डिजाइन और ड्राइंग का अनुमोदन अधीक्षण अभियंता से कराना अनिवार्य होगा। एप्रोच मार्ग की रिटेनिंग वॉल की डिजाइन भी स्वीकृत करानी होगी। निर्माण कार्य बजट की उपलब्धता और निर्धारित वित्तीय नियमों के तहत किया जाएगा।
इस अवसर पर मंडल अध्यक्ष विक्रम चौहान, ग्राम प्रधान कमलेश द्विवेदी सहित अनेक जनप्रतिनिधि और क्षेत्रवासी मौजूद रहे।


