आखिर कौन ठग ले गया था ‘व्यवस्था’ के नाम पर आठ आठ लाख रुपए,,,
अवैध खनन का खेल!
लक्सर क्षेत्र में करोड़ों के कारोबार पर गंभीर सवाल।
आखिर!
रिपोर्ट:अरुण कश्यप
हरिद्वार। लक्सर तहसील क्षेत्र में अवैध खनन को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। क्षेत्र में चर्चाओं का बाजार गर्म है कि कथित ‘व्यवस्था’ के नाम पर अवैध खनन का संगठित तंत्र संचालित किया जाता है, जिसके चलते रात के अंधेरे से लेकर कई बार दिनदहाड़े तक जेसीबी और पोकलेन मशीनों से बड़े पैमाने पर खनन होता रहता है, लेकिन कार्रवाई के नाम पर सन्नाटा रहता है।
स्थानीय स्तर पर यह भी चर्चा है कि यह ‘व्यवस्था’ एक दिन, तीन दिन या एक सप्ताह की अवधि के लिए तय की जाती है। इस दौरान संबंधित क्षेत्रों में खनन निर्बाध रूप से चलता है और सरकारी अमला मौके पर दिखाई नहीं देता। सूत्रों के अनुसार, इस व्यवस्था के तहत कथित तौर पर निचले स्तर से लेकर उच्च स्तर तक पैसों का प्रबंधन किया जाता है।चर्चाओं के मुताबिक, प्रत्येक स्टोन क्रशर से पहले से ही एक तय राशि एकत्र की जाती है। इसके बाद खनन सामग्री की निकासी के आधार पर प्रति कुंतल या प्रति वाहन अतिरिक्त राशि भी वसूले जाने की बातें सामने आती रही हैं। यह भी आरोप हैं कि कुछ प्रभावशाली लोगों से जुड़े व्यक्ति स्टोन क्रशरों के तौल केंद्रों पर बैठकर वाहनों का रिकॉर्ड रखते हैं और प्रतिदिन का पूरा हिसाब संबंधित लोगों तक पहुंचाते हैं, ताकि कथित ‘व्यवस्था’ के अनुसार धनराशि का वितरण किया जा सके।
क्षेत्र में यह भी चर्चा है कि एक पूर्व अधिकारी ने भी कथित व्यवस्था के नाम पर 8 –8 लाख रुपये हर स्टोन क्रेशर से एकत्र कर लिए थे। जिसे फजीहत के बाद वापिस भी करने पड़े,
यदि इन आरोपों में सच्चाई है तो यह पूरे खनन तंत्र और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न है। मामले की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक स्थिति सामने लाना प्रशासन की जिम्मेदारी है।


