*नन्हे बच्चों संग तय होगी 170 किमी की यात्रा
हरिद्वार। कांवड़ मेले में जहां एक ओर कांवड़ियों के उत्पात मचाने की खबरें आ रही है वहीं आस्था श्रद्धा व विश्वास की भी एक से बढ़कर एक खूबसूरत तस्वीरें देखने को मिल रही है। कुछ दिन पूर्व एक युवक अपनी वृद्ध मां तो एक महिला अपनी सास को कांवड़ में बैठकर हरिद्वार से गंगा जल लेकर सैकड़ों किलोमीटर की यात्रा पर निकले थे। ऐसी ही एक तस्वीर सावन के पहले सोमवार को हरिद्वार में देखने को मिली। जहां एक महिला अपने दो छोटे छोटे बच्चों संग अपने दिव्यांग पति को कंधे पर बैठकर 170 किलोमीटर की कांवड़ यात्रा पर निकली।
यूपी के मोदीनगर की रहने वाली महिला आशा अपने दिव्यांग पति के स्वस्थ होने की मनौती लेकर कांवड़ लेने हरिद्वार पहुंची हैं। आशा और सचिन के साथ उनके दो बच्चे भी इस यात्रा में शामिल हैं। उनकी यह संकल्प भरी यात्रा 170 किलोमीटर का लंबा सफर तय करेगी।
आशा ने बताया कि पहले उन्होंने हरकी पैड़ी से गंगाजल भरा, जिसके बाद पति सचिन की इच्छा अनुसार वे दक्षेश्वर महादेव मंदिर पहुंचे और दर्शन व पूजन किए। यहीं से उनकी कांवड़ यात्रा शुरू हुई है। आशा ने आगे बताया कि उसकी शादी 10 साल पहले सचिन से हुई, दोनों का जीवन खुशी से बीत रहा था। लेकिन एक साल पहले उनके पति की कोई नस दबने के कारण सचिन दिव्यांग हो गया, लेकिन आशा ने हार नहीं मानी और पति और बच्चों का ध्यान रखने लगी। आशा ने बताया कि सचिन दिव्यांग होने से पहले हर साल कांवड़ यात्रा पर आया करते थे।
आशा के पति सचिन ने कहा कि भगवान किस्मत वालों को ही ऐसी पत्नी देता है। मैंने कुछ अच्छे कर्म किए होंगे, तभी जाकर मुझे ऐसी पत्नी मिली है, जो मुझे और बच्चों को भी संभाल रही है।



