कुंभ-2027 के नाम पर 709 करोड़ से अधिक के निर्माण कार्य, फिर भी जाम और बदहाल सड़कों से कब मिलेगी हरिद्वार की जनता को मुक्ति?

पड़ताल: बजट, टेंडर, निर्माण की गुणवत्ता और समयसीमा पर उठ रहे सवाल
रिपोर्ट: मोहित प्रधान।
हरिद्वार। कुंभ-2027 की तैयारियों के नाम पर धर्मनगरी में करोड़ों रुपये के विकास कार्य कराए जा रहे हैं। मेला क्षेत्र के 32 सेक्टरों में बुनियादी सुविधाओं के विकास के लिए लगभग 709.23 करोड़ रुपये की योजनाओं को स्वीकृति मिलने और 126 कार्यों को निर्धारित समयसीमा में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। सड़कों, पुलों, घाटों, पार्किंग और अन्य सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसके बावजूद स्थानीय लोगों के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर उन्हें जाम और बदहाल सड़कों से स्थायी राहत कब मिलेगी?
निर्माण कार्यों के लिए जारी टेंडरों में भी करोड़ों रुपये की लागत सामने आ रही है। उदाहरण के तौर पर बहादराबाद-रोहालकी तिराहे से अलीपुर तक मोटर मार्ग के सुदृढ़ीकरण का टेंडर लगभग 4.57 करोड़ रुपये का जारी हुआ था, जिसे बाद में निरस्त कर दिया गया। वहीं कुंभ क्षेत्र में अन्य सड़क निर्माण कार्यों के टेंडर भी प्रक्रिया में हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्थायी प्रकृति के कुंभ कार्य अक्टूबर 2026 तक पूरे करने के निर्देश दिए थे। अब सवाल है कि निर्धारित समयसीमा का कितना पालन हुआ है?
स्थानीय नागरिकों की मांग है कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की स्वतंत्र जांच हो, ठेकेदारों की जवाबदेही तय की जाए और कार्यों के दौरान यातायात व्यवस्था प्रभावित न हो।
कुंभ की भव्यता जरूरी है, लेकिन स्थानीय जनता को जाम, धूल और गड्ढों से राहत देना भी प्रशासन की प्राथमिकता होनी चाहिए।


