राष्ट्रीय लोक अदालत में 4,125 मामलों का निस्तारण, 18.57 करोड़ से अधिक की समझौता राशि

अनिल कश्यप
रूडकी। हरिद्वार जनपद में 24 बेंचों का गठन, रोशनाबाद से लेकर रुड़की और लक्सर तक हुआ मामलों का निपटारा
हरिद्वार। माननीय राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार एवं राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण उत्तराखंड के तत्वावधान में शनिवार को जनपद हरिद्वार में इस वर्ष की तृतीय राष्ट्रीय लोक अदालत का सफल आयोजन किया गया। जनपद न्यायाधीश एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण हरिद्वार नरेन्द्र दत्त के कुशल मार्गदर्शन में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में लंबित एवं प्री-लिटिगेशन मामलों का आपसी सुलह-समझौते के आधार पर निस्तारण किया गया।
राष्ट्रीय लोक अदालत के लिए पूरे जनपद में कुल 24 बेंचों का गठन किया गया। इनमें जिला न्यायालय परिसर रोशनाबाद में 13 बेंच, जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग हरिद्वार में एक बेंच, बाह्य न्यायालय रुड़की में 7 बेंच तथा लक्सर में 3 बेंच गठित की गईं।
लोक अदालत के दौरान चेक बाउंस, मोटर दुर्घटना क्लेम, पारिवारिक विवाद, सिविल वाद, श्रम विवाद, विद्युत अधिनियम, बैंक रिकवरी तथा फौजदारी के शमनीय प्रकृति के मामलों को प्राथमिकता के आधार पर लिया गया। आपसी सहमति और सुलह-समझौते के माध्यम से मामलों के निस्तारण से जहां पक्षकारों को त्वरित न्याय मिला, वहीं न्यायालयों में लंबित मुकदमों के बोझ को कम करने में भी महत्वपूर्ण सफलता मिली।
*वही अधिकार मित्रों ने घर-घर पहुंचकर किया जागरूक*
राष्ट्रीय लोक अदालत को सफल बनाने में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अधिकार मित्रों की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही। अधिकार मित्रों ने आम लोगों तक लोक अदालत की जानकारी पहुंचाने के लिए घर-घर जाकर तथा विभिन्न स्थानों पर जागरूकता शिविर आयोजित कर लोगों को राष्ट्रीय लोक अदालत के उद्देश्य एवं लाभों के बारे में जानकारी दी।
अधिकार मित्रों ने लोगों को बताया कि आपसी सुलह-समझौते से निपटाए जा सकने वाले मामलों को राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से सरल एवं त्वरित तरीके से समाप्त कराया जा सकता है। उन्होंने लोगों को अपने लंबित विवादों के समाधान के लिए लोक अदालत का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया। जन-जागरूकता अभियान के माध्यम से अधिक से अधिक लोगों को लोक अदालत से जोड़ने का प्रयास किया गया।
*3,918 वादों तथा 207 प्री-लिटिगेशन मामलों, यानी कुल 4,125 मामलों का सफलतापूर्वक निस्तारण*
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से जारी जानकारी के अनुसार राष्ट्रीय लोक अदालत में न्यायालयों में लंबित 3,918 वादों तथा 207 प्री-लिटिगेशन मामलों, यानी कुल 4,125 मामलों का सफलतापूर्वक निस्तारण किया गया। इन मामलों में आपसी समझौते के आधार पर कुल 18,57,35,981 रुपये की समझौता राशि का सेटलमेंट हुआ।
*रुड़की में 756 मामलों का निस्तारण*
बाह्य न्यायालय रुड़की में गठित 7 बेंचों के माध्यम से 756 मामलों का निस्तारण किया गया। इन मामलों में 6,17,34,638 रुपये की समझौता धनराशि का सेटलमेंट हुआ। बड़ी संख्या में मामलों के निस्तारण से पक्षकारों को राहत मिली और वर्षों से चले आ रहे विवादों को आपसी सहमति से समाप्त करने का अवसर मिला।
लोक अदालत के सफल आयोजन के बाद सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से समस्त न्यायिक अधिकारियों, कर्मचारियों, विद्वान अधिवक्ताओं, अधिकार मित्रों एवं वादकारियों का आभार व्यक्त किया गया।
*लोक अदालत से कटुता होती है समाप्त : सिमरनजीत कौर*
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण हरिद्वार की सचिव सिमरनजीत कौर ने कहा कि लोक अदालत त्वरित न्याय प्राप्त करने का प्रभावी माध्यम है। आपसी सुलह और समझौते के माध्यम से वर्षों से चले आ रहे विवादों का समाधान होने से पक्षकारों के बीच की कटुता समाप्त होती है तथा आपसी प्रेम और सद्भाव को बढ़ावा मिलता है।
उन्होंने कहा कि लोक अदालत के माध्यम से पक्षकारों को कम समय में सरल एवं सौहार्दपूर्ण तरीके से विवादों का समाधान प्राप्त करने का अवसर मिलता है। वहीं अधिकार मित्रों एवं विधिक जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से आम लोगों को उनके अधिकारों तथा उपलब्ध विधिक सेवाओं की जानकारी पहुंचाने का कार्य लगातार किया जा रहा है।
इस मौके पर रूडकी न्यायालय में राष्ट्रीय लोक अदालत के अवसर पर अधिकार मित्रो ने भी फरियादियों का सहयोग किया जिसमे अधिकार मित्र *अधिकार मित्र*
कवितापटवाल,धरमसिंह,दीपक,शिवानी,मनोज, किरण सिंह,कोमल,खुशी,आम ब्रिजबाला,राजवीर, शहाबुद्दीन, सोनम, सोनू, मोहित, सुमित, राजेश, मनीष आदि मौजूद रहे।



