उत्तराखंड में खनन से रिकॉर्ड कमाई, 1217 करोड़ पार,
उत्तरकाशी में जिला खान अधिकारी प्रदीप कुमार के नेतृत्व में भी 32 करोड़ राजस्व, रचा इतिहास।
रिपोर्ट:अरुण कश्यप!
उत्तरकाशी/देहरादून। उत्तराखंड के खनन विभाग ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में राजस्व संग्रह का नया कीर्तिमान स्थापित करते हुए 1217 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर लिया है।यह उपलब्धि विभाग की बेहतर रणनीति, पारदर्शिता और आधुनिक तकनीकों के उपयोग का परिणाम मानी जा रही है।
भूतत्व एवं खनिकर्म निदेशालय के निदेशक राजपाल लेघा के नेतृत्व में विभाग ने जहां राजस्व में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की, वहीं स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी सृजित किए गए और उपखनिजों की उपलब्धता को भी संतुलित रखा गया।
वहीं उत्तरकाशी जिले ने भी शानदार प्रदर्शन करते 32 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया हैं। यह जिले का अब तक का सर्वाधिक राजस्व संग्रह है। पिछले वित्तीय वर्ष 2024-25 में यहां 25 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ था, जो इस वर्ष 7 करोड़ की वृद्धि के साथ 32 करोड़ तक पहुंच गया।
विशेष बात यह है कि सीमित खनन संसाधनों, बड़े वन क्षेत्र और इको-सेंसिटिव जोन जैसी चुनौतियों के बावजूद यह उपलब्धि हासिल की गई है। जिला प्रशासन की सतत निगरानी, स्पष्ट नीतियां और विभागीय अधिकारियों की सक्रियता इस सफलता के प्रमुख कारण रहे हैं।
प्रभारी जिला खान अधिकारी प्रदीप कुमार, जिन्होंने हरिद्वार में भी अपनी सेवाएं दी हैं, ने बताया कि भविष्य में भी शासन के लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए निरंतर प्रयास जारी रहेंगे। उत्कृष्ट कार्य के लिए देहरादून में आयोजित कार्यक्रम में उन्हें प्रशस्ति पत्र और मोमेंटो देकर सम्मानित भी किया गया।
इसके अलावा, खनन कार्यों में पारदर्शिता और ऑनलाइन प्रणाली के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए उत्तराखंड को भारत सरकार द्वारा प्रतिष्ठित स्कॉच अवार्ड से भी सम्मानित किया गया है, जो प्रदेश के लिए गौरव की बात है।



