स्वास्थ्य विभाग का बड़ा कदम
8 दाइयां चिन्हित,
शुरू की कड़ी निगरानी।
रिपोर्ट :अरुण कश्यप
हरिद्वार!उत्तराखण्ड सरकार के स्वास्थ्य सचिव के निर्देशानुसार गृह प्रसव को शून्य करने और मातृ एवं नवजात मृत्यु दर में कमी लाने के उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी व्यवस्था को और सख्त कर दिया है। इसी क्रम में अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी हरिद्वार डॉ. रमेश कुवँर ने पिरान कलियर ब्लॉक के ईमलीखेडा स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (टाइप-ए) का निरीक्षण और समीक्षा की।
निरीक्षण के दौरान प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. राव अकरम एवं अन्य कार्मिकों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार कुल 411 प्रसवों में से 55 प्रसव दाइयों द्वारा कराए गए, जो कि विभागीय निर्देशों के विपरीत पाए गए। स्वास्थ्य विभाग पहले ही गृह प्रसव को पूर्णतः समाप्त करने के निर्देश जारी कर चुका है, इसके बावजूद इस प्रकार की स्थिति सामने आना गंभीर लापरवाही मानी जा रही है।
अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रमेश कुवँर ने मामले को गंभीरता से लेते हुए 8 दाइयों को चिन्हित किया। इसके बाद इन सभी को नामजद कर थाना अध्यक्ष पिरान कलियर के समक्ष प्रस्तुत किया गया। साथ ही गृह प्रसव पर पूर्ण रोक सुनिश्चित करने के लिए इन दाइयों पर कड़ी निगरानी रखने और आवश्यकतानुसार दंडात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं और किसी भी प्रकार की लापरवाही या नियमों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि मातृ एवं नवजात सुरक्षा के लिए यह अभियान आगे भी सख्ती से जारी रहेगा।



