चंडी देवी पैदल मार्ग पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा पर सवाल, निर्माण सामग्री ढो रहे भारी वाहन
रिपोर्ट लक्ष्मण कश्यप
प्रतिबंधित मार्ग पर ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की आवाजाही से हादसे की आशंका, प्रशासनिक निगरानी पर उठे सवाल
हरिद्वार। प्रसिद्ध चंडी देवी मंदिर के पैदल मार्ग पर इन दिनों निर्माण कार्य के दौरान भारी वाहनों की आवाजाही को लेकर श्रद्धालुओं की सुरक्षा पर सवाल खड़े होने लगे हैं। अर्धकुंभ मेला निधि से पैदल मार्ग का निर्माण कार्य कराया जा रहा है, जिसके लिए ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के माध्यम से रेत, बजरी और पत्थर जैसी निर्माण सामग्री पहुंचाई जा रही है।
स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं का कहना है कि चंडी देवी का पैदल मार्ग पहाड़ी क्षेत्र में स्थित होने के कारण काफी संकरा, ऊंचा-नीचा और जोखिमपूर्ण है। प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु इसी मार्ग से पैदल मंदिर पहुंचते हैं। ऐसे में निर्माण सामग्री लेकर गुजर रहे भारी वाहनों से दुर्घटना की आशंका बनी हुई है।
गौरतलब है कि जिला प्रशासन द्वारा इस मार्ग पर आम दोपहिया वाहनों की आवाजाही पहले से प्रतिबंधित है। केवल मंदिर परिसर में संचालित भंडारों के लिए आवश्यक राशन सामग्री पहुंचाने वाले सीमित वाहनों को ही अनुमति दी जाती है। इसके बावजूद निर्माण कार्य के लिए लगातार ट्रैक्टर-ट्रॉलियों का संचालन किया जा रहा है।
श्रद्धालुओं का कहना है कि यदि किसी वाहन में तकनीकी खराबी आ जाए या चालक नियंत्रण खो दे तो संकरे मार्ग पर बड़ा हादसा हो सकता है, जिससे यात्रियों की जान जोखिम में पड़ सकती है। लोगों ने प्रशासन से निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने, वाहनों की आवाजाही को नियंत्रित करने तथा श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए अतिरिक्त इंतजाम करने की मांग की है।
स्थानीय नागरिकों का सवाल है कि यदि किसी अप्रिय घटना की स्थिति बनती है तो उसकी जिम्मेदारी किसकी होगी। ऐसे में प्रशासन और संबंधित विभागों की भूमिका पर भी चर्चा शुरू हो गई है।



